सिंहासन





सिंहासन गले से सम्बन्धित सभी विकारो को दूर और फेफड़े को मजबूत बनता है | आइए अब इस आसन को करने की विधि सीखे |

 

विधि : वज्रासन में बैठ जाये और सामने से दोनों घुटने एक से डेढ़ फुट खोलकर दोनों कलाइयों को परस्पर मिलाकर हाथो को सीधा करे,अंगुलियों और हथेलियाँ जमीन पर सटाकर रखे, आगे झुककर सामने के तरफ देखते हुए, मुख को खोलकर जीभ को यथासक्ति बहार निकले और शेर की तरह आवाज करते हुए दहाड़े | एकबार में न्यूनतम तिन बार इस क्रिया को करे, इस क्रिया को सिंहासन कहते है|



 

लाभ

1. हकलाना-तुतलाना को ठीक करता है.

2. गले से कफ का जमना ठीक करता है.

3. फेफड़े को सुन्दर और मजबूत बनाता है.

4. गले सम्बन्धित समस्त रोगों में विशेष लाभप्रद